बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच बड़ा मुकाबला: क्या योगी तोड़ पायंगे 18 साल पुराना रिकॉर्ड
हर बार की तरह इस बार भी यूपी का विधानसभा चुनाव रोचक भरा होने वाला है। इस चुनाव के परिणाम आने के बाद कई नेताओं के दावे हवाई साबित होने के साथ कई रिकॉर्ड भी टूटेंगे। यूपी के मौजूदा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम भी इन्हीं रिकॉर्डों की सूची से जुड़ा हुआ है। 15 साल पुराने रिकॉर्ड को योगी आदित्यनाथ फिर यूपी की सत्ता हासिल करके तोड़ सकते है। अगर वे गोरखपुर से चुनाव जीतने में कामयाब हुए तो वे 15 साल में सूबे के पहले सीएम होंगे।
तमाम दल यूपी विधानसभा चुनाव में पहले चरण के मतदान के लिए अंतिम चुनाव प्रचार में डटे हैं। राजनीतिक गणितज्ञों का कहना हैं कि मुकाबला बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच है। अब देखना ये कि जनता किसे अपना आशीर्वाद देगी और किसको सत्ता मिलेगी। यूपी चुनाव इसलिए भी खास है क्योंकि इसे 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव का सेमीफाइनल भी कह सकते हैं। आगे की तस्वीर यूपी के परिणाम साफ कर देगी। इधर ये लड़ाई भाजपा के लिए करो या मरो की है। तो उधर यूपी में एक बार फिर सत्ता हासिल कर वापसी के लिए सपा बेताब है।
यूपी चुनाव 2022 के रण में गोरखपुर सीट से मैदान में भाजपा ने योगी आदित्यनाथ को उतरा है। योगी अगर यहां चुनाव जीत सत्ता हासिल कर लेते हैं तो 18 सालों में वो पहले विधायक होंगे जो सीएम बनेंगे। 2017 में भाजपा ने लोकसभा सांसद से सीएम की कुर्सी पर योगी आदित्यनाथ को बैठाया था। उपचुनाव लड़ने के बजाय उन्होंने विधान परिषद सदस्य बनना चुना। अखिलेश यादव और मायावती भी उनसे पहले ऐसा कर चुके है।
पहले ही एक रिकॉर्ड योगी आदित्यनाथ अपने नाम कर चुके है। यूपी ने पहली विधानसभा के गठन से अब तक लगभग 70 वर्षों में 21 सीएम देखे, लेकिन पांच साल का पूरा कार्यकाल केवल तीन ने ही किया। योगी भी इन तीन में से एक हैं। 2007-2012 तक बसपा सुप्रीमो मायावती थी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव 2012-2017 तक रहे।
हेमलता बिष्ट
Sandhya Halchal News